यह जंगली जड़ी बूटी बवासीर, शुगर, स्तन कैंसर और नपुंसकता का दुश्मन है





लाजवंती संपूर्ण भारत में पाया जाने वाला पोधा है और यह अनेक रोगों के निवारण के लिए उपयोग में लाया जाता है। इस पोधे की सबसे बढ़ी पहचान यह है की जब आप इसके पत्ते को छूते है तो इसकी पाटिया सिकुड़ कर आपस में सट जाती है। यही कारन है की इसे लजौली और छुईमुई के नाम नाम से भी जाना जाता है इसके फूल गुलाबी रंग के होते हैं। आज हम आपको बतायेगे की इस लाजवंती नामक असोधीय पौधा का किस तरह इस्तेमाल आप किन किन बीमारियों से छुटकारा पा सकते है yeh jangali jari butti piles ka dushman hai

1.दोस्तों लजौली, लाजवंती बवासीर और भगंदर की बीमारयों को जर से खत्म करने में सहायक है इसके लिए छुईमुई की जड़ और पत्तों का चूर्ण बना ले और हल्का गर्म दूध में मिलाकर एक हप्ते तक देने से बवासीर और भगंदर से पीड़ित रोगी को दे तो बवासीर या पाइल्स जो बीमारी है vo ठीक हो जाएगी इतना ही नहीं दोस्तों इसकी पत्तियों के रस को बवासीर के घाव पर सीधे लेपित करने से यह रस घाव को सुखाने का में सहायक माना जाता है और इन दिनों में होने वाले  खून के बहाव को रोकने का काम करता है। yeh jangali jari butti piles ka dushman hai

2.शर्दी खांसी जैसी बीमारी में यह सभी दवाइयों का बाप माना जाता है अगर आपको या आपके जानने वाले को शर्दी खांसी हो गयी हो और वे ठीक नहीं हो रही हो तो आप क्या करें लाजवंती के पोधे को जड़ समेत उखार ले और इसके जड़ को छोटा छोटा काटकर माला बना ले और इसे अपने गले में पहन ले ध्यान रखे की ये तुक्रे आपकी त्वचा चिपका रहे यह आपके लिए घरेलु स्टीम का काम करता है साथ में एक काम और करे इसकी जड़ को पीसकर एक चम्मच शहद में मिलकर इस लेप को धीरे धीरे चाटे ऐसा करने से आपको शर्दी खाशी सहित तमाम मौशामी बीमारी और गले के दर्द ने निजात मिलेगा . yeh jangali jari butti piles ka dushman hai



यह फूल पिम्पल्स और मुँहासे करेगा दूर

3.मधुमेह के रोगियों के लिए भी यह काफी फायदेमंद माना जाता है इसके लिए आप छुईमुई की 100 ग्राम पत्तियों को 300 मिली पानी में डालकर काढ़ा बना ले धयान दे की इसे तब तक उबले जब तक पानी आधा न हो जाये इस काढ़े का सेवन से सुगर से निजात मिलता है। yeh jangali jari butti piles ka dushman hai

4.स्तन में गाँठ या कैंसर की सम्भावना हो लाजवंती की जड़ और अश्वगंधा की जड़ घिसकर लेप बना कर लगने से गाँठ और कैंसर जैसी बीमारी को ये बढ़ने नहीं देता है  इसके साथ ही इस लेप को ढीले स्तनों पर हल्के हल्के मालिश किया जाए तो स्तनों का ढीलापन दूर होता है। yeh jangali jari butti piles ka dushman hai

5.खूनी दस्त से ग्रस्त रोगी को अगर लाजवंती के जड़ का काढ़ा बनाकर पिलाया जाये  तो दस्त जल्दी बंद हो जाती है।

6.दोस्तों इस छुईमुई की पत्तियों और जड़ों में एंटीमायक्रोबियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण पाए जाते है इसलिए यह त्वचा संक्रमण में भी लाभ दायक है त्वचा से जूरी सभी बिमारियों के लिए इसकी पत्तियों के रस निकल कर दिन में 3से 4 बार लगाये यह त्वचा संक्रमण आपको लाभ प्रदान करेगा । yeh jangali jari butti piles ka dushman hai

7.नपुंसकता दूर करने के लिए भी यह छुईमुई काफी लाभप्रद साबित होता है करना क्या है 10 ग्राम लाजवंती के जड़ें में 2 ग्राम सेमल की छाल के साथ चार छोटी इलायची को आपस में मिलाकर कुचल ले और इसे एक गिलास दूध में मिलाकर प्रतिदिन रात को सोने से पहले पिए  यह नपुंसकता दूर करने के लिए एक कारगर फार्मूला है। yeh jangali jari butti piles ka dushman hai

8.अगर आपको पेशाब का अधिक आता और और आप बार बार पेशाब जाने से परेशां हो गए हो तो लाजवंती के पत्तों को पानी में पीसकर नाभि के निचले हिस्से में लेप लगा ले इससे अधिक पेशाब का आना बंद हो जायेगा  yeh jangali jari butti piles ka dushman hai

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