महिलाओं के सभी रोगों का दुश्मन है शतावरी




आयुर्वेद में शतावरी एक चमत्कारी औषधि है इसका उपयोग कई रोगों के उपचार में किया जाता है शतावरी का पौधा झाड़ीनुमा होता है, इस पौधे का फूल व मंजरियां एक से दो इंच लम्बे एक या गुच्छे में लगे होते हैं आयुर्वेद में दी गयी जानकारी के अनुसार, शतावर पुराने से पुराने रोगों से लडऩे की क्षमता प्रदान करता है। अब हम आपको शतावरी से उन रोगो के उपचार के बारे में बताएँगे जिनमे यह अत्यंत लाभकारी साबित होता है। mahilao ke sabhi rogo ka dushman

दोस्तों इसका सबसे पहला फ़ायदा है अगर प्रसूता महिला जिन्हे दूध न आता हो या कम आता हो तो ऐसी माताओ बहनो के लिए ये रामबाण नुस्खा माना गया है इसके लिए शताबरी के जर का चूर्ण बना ले अब लगभग ५ ग्राम चूर्ण को एक गिलास दूध में मिलाकर ऐसी महिलाओं को दिन में ३ बार पिलाये यह मातृ दुग्ध शक्ति को बढ़ाने में किसी चमत्कार से काम नहीं है। mahilao ke sabhi rogo ka dushman




झरते बालों को फिर से उगाना है तो इसे खाएं या लगाएं

यदि आपको नींद नहीं आती हो और आप नीद न आने की समस्या से परेशान हैं यह आपके लिए भी काफी फायदे मंद है और आपको करना क्या है शतावरी की जड़ को कूट कर दूध में पका ले जब यह पक जाये तो उसमें थोड़ा गाय का घी डालें और ग्रहण करें। इससे आप तनाव से मुक्त होकर अच्छी नींद ले पाएंगे। mahilao ke sabhi rogo ka dushman

चेहरे की झुरिया हटाने में भी यह काफी कारगर है क्योंकि इसमें विटामिन ए पाया जाता जो की हमारे चेहरों को ऊर्जावान बनाये रखने में मददगार होता है इसके लिए रोजाना एक चम्मच शतावरी चूर्ण का सेवन रात में सोने से पहले पानी के साथ पिए . mahilao ke sabhi rogo ka dushman

दोस्तों कुछ बच्चे रात में सोते वक्त अचानक चौक कर या फिर दर कर रोने लगते है ऐसे बच्चो के लिए भी यह शतावरी काफी लाभप्रद है इसके लिए आप क्या करे ऐसे बच्चे को टिके के निचे या जेब में सतावरी का छोटा डंठल डाल दे ऐसा करने से आपको सोते वक्त चौककर या डर कर नहीं उठेंगे mahilao ke sabhi rogo ka dushman

सतावरी चूर्ण का रोजाना सेवन शारीरिक दर्दों के उपचार में भी इसका प्रयोग किया जाता है आंतरिक हैमरेज, गठिया, पेट दर्द , पेशाब एवं मूत्र संबंधित रोगों या गर्दन के अकड़ जाने पैरों के तलवों में जलन, साइटिका, हाथों तथा घुटने आदि के दर्द तथा सरदर्द आदि में यह फायदेमंद साबित होता है mahilao ke sabhi rogo ka dushman

अगर किसी माता बहनो को ल्यूकोरिया की परेशानी हो तो सतावर की ५० ग्राम जड़ों को गाय के दूध के साथ उबाल कर सुबह शाम पिने से लाभ मिलता है. mahilao ke sabhi rogo ka dushman 

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