लाख दुखों की एक दवा




जी हाँ गाव में एक कहावत है लाख दुखों की एक दवा और वो दवा है गाँव का वैद्य कहे जाने वाला नीम। जी हां नीम को गाँव का वैद्य और घर का दवाई आदि भी कहा जाता है। आईये आज हम जाने आखिर कर इस नीम में क्या है जिस कारण इसकी चर्चा न केवल भारत में बल्कि पुरे दुनियां में किया जाता है। know Million disease one medicine

नीम में इतने सारे गुण पाए जाते हैं कि ये कई तरह के बिमारियों में रामबाण बन कर काम करता है। नीम के औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेदिक में हजारों सालों से उपयोग किया जा रहा है। संस्कृत में नीम को ‘अरिष्ट’ कहा जाता है, जिसका अर्थ होता है, ‘श्रेष्ठ, पूर्ण या कभी खराब न होने वाला।’ know Million disease one medicine

नीम में मधुमेह यानी डायबिटिज, बैक्टिरिया तथा वायरस से लड़ने की क्षमता होती हैं। नीम के तन, जड़, छाल और कच्चे फलों में मियादी रोगों से लड़ने का गुण पाया जाता है। मलेरिया और त्वचा संबंधी रोगों में इसकी छाल खासतौर पर बहुत फायदेमंद होती है। know Million disease one medicine

आपको यह जान कर आश्चर्य होगा की नीम के पत्ते ३0 से अधिक देशों को निर्यात किए जाते हैं। इसके पत्तों में मौजूद बैक्टीरिया से लड़ने वाले रोगप्रतिरोधक गुण की वजह से मुंहासे, मुह के छाले, दाद खाज-खुजली, एक्जिमा वगैरह को दूर करने में कारगर सावित होता हैं। नीम का अर्क मधुमेह, कैंसर, हृदयरोग, हर्पीस, एलर्जी, अल्सर, हिपेटाइटिस (पीलिया) वगैरह के ट्रीटमेंट में भी सहायक होता है। know Million disease one medicine

सत्य सनातन प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में इसके फल, बीज, तेल, पत्ते, जड़ और छिलके में बीमारियों से लड़ने के कई गुणों की बखान की गयी है । भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा की प्रणाली ‘आयुर्वेद’ के दो प्राचीन ग्रंथों ‘चरक संहिता’ एवं ‘सुश्रुत संहिता’ में नीम के गुणों की चर्चा की गई है। इस पेड़ का हर भाग लाभकारी है, संस्कृत में इसको एक यथायोग्य नाम से भी जाना जाता है अर्थात – “सर्व-रोग-निवारिणी” यानी ‘सभी बीमारियों की एक दवा।’ लाख दुखों की एक दवा दवा है यह नीम ! know Million disease one medicine





• नीम के तेल से मालिश करने से सभी तरह के चर्म रोगों से छुटकारा मिलता हैं।

• नीम का दातुन से करने से दांत व मसूढे को मजबूती मिलती है और दांतों से सम्बंधित सभी बीमारियां जैसे पायरिया दांत दर्द दांत के कीड़े आदि दूर हो जाते हैं और मुंह के दुर्गंध से भी निजात दिलाता है ।
• नीम की कोपलों को उबालकर गलगला करने से दाँतों का दर्द दूर होता है। know Million disease one medicine
• नीम की पत्तियां को चबाने से रक्त साफ़ होता है और अगर आपका ब्लड साफ़ हो तो त्वचा स्कीन चमकदार बनती है।

• नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर और पानी ठंडा करके उस पानी से नहाने से चर्म रोग दूर होते हैं, और ये ख़ासतौर से चेचक के उपचार में सहायक है और चेचक के विषाणु को फैलने से रोकती है।

• नीम की छाल के काढे में धनिया और सौंठ का चूर्ण मिलाकर पीने से मलेरिया रोग में जल्दी लाभ होता है। know Million disease one medicine

• नीम मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों को दूर रखने में अत्यन्त सहायक है। जिस वातावरण में नीम के पेड़ रहते हैं, वहाँ मलेरिया नहीं फैलता है। नीम के पत्ते जलाकर रात को धुआं करने से मच्छर नष्ट हो जाते हैं और विषम ज्वर (मलेरिया) से भी बचाव होता है।
• नीम और बेर के पत्तों को पानी में उबालें, ठंण्डा होने पर इससे बाल, धोयें स्नान करें कुछ दिनों तक प्रयोग करने से बाल झडने बन्द हो जायेगें व बाल काले व मज़बूत रहेंगें।

• नीम की पत्तियों के रस को आंखों में डालने से आंख आने की बीमारी (कंजेक्टिवाइटिस) समाप्त हो जाती है।
• नीम की पत्तियों के रस और शहद को 2:1 के अनुपात में पीने से पीलिया में फ़ायदा होता है, और इसको कान में डालने से कान के दर्द में फ़ायदा होता है।
• नीम के तेल की 5-10 बूंदों को सोते समय दूध में डालकर पीने से ज़्यादा पसीना आने और जलन होने सम्बन्धी विकारों में बहुत फ़ायदा होता है।

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• नीम के बीजों के चूर्ण को ख़ाली पेट गुनगुने पानी के साथ लेने से बवासीर में काफ़ी फ़ायदा होता है।
• नीम की निम्बोली का चूर्ण बनाकर एक-दो ग्राम रात को गुनगुने पानी से लें कुछ दिनों तक नियमित प्रयोग करने से कब्ज रोग नहीं होता है एवं आंतें मज़बूत बनती है।
• गर्मियों में लू लग जाने पर नीम के बारीक पंचांग (फूल, फल, पत्तियां, छाल एवं जड) चूर्ण को पानी मे मिलाकर पीने से लू का प्रभाव शांत हो जाता है।
• बिच्छू के काटने पर नीम के पत्ते मसल कर काटे गये स्थान पर लगाने से जलन नहीं होती है और ज़हर का असर कम हो जाता है। know Million disease one medicine

नीम जैसी औषधि का अपने घर में जरूर इस्तेमाल करें।

• नीम के 25 ग्राम तेल में थोडा सा कपूर मिलाकर रखें यह तेल फोडा-फुंसी, घाव आदि में लाभदायक है।
• गठिया की सूजन पर नीम के तेल की मालिश करें।

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• नीम के पत्ते कीड़ें मारते हैं, इसलिये पत्तों को अनाज, कपड़ों में रखते हैं।
• नीम की 20 पत्तियाँ पीसकर एक कप पानी में मिलाकर पिलाने से हैजा़ ठीक हो जाता है।
• निबोरी नीम का फल होता है, इससे तेल निकला जाता है। आग से जले घाव में इसका तेल लगाने से घाव बहुत जल्दी भर जाता है।
• नीम का फूल तथा निबोरियाँ खाने से पेट के रोग नहीं होते। know Million disease one medicine
• नीम की जड़ को पानी में उबालकर पीने से बुखार दूर हो जाता है। know Million disease one medicine

• छाल को जलाकर उसकी राख में तुलसी के पत्तों का रस मिलाकर लगाने से दाग़ तथा अन्य चर्म रोग ठीक होते हैं। know Million disease one medicine
• विदेशों में नीम को एक ऐसे पेड़ के रूप में पेश किया जा रहा है, जो मधुमेह से लेकर एड्स, कैंसर और न जाने किस-किस तरह की बीमारियों का इलाज कर सकता है।
नीम के उपयोग से लाखों लोगों को रोजगार मिलता है, आप सभी से निवेदन है कि आप नीम जैसी औषधि का अपने घर में जरूर इस्तेमाल करें।

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