सर्दियों में अस्थमा के रोगी इन बातों का रखें विशेष ध्यान

दोस्तों, आज हम आपको सर्दियों के दिनों में अस्थमा के रोगियों को कैसे अपना ख्याल रखना चाहिए, सर्दियों में किन बातों का अधिक ख्याल रखना चाहिए। सर्दियों के मौसम को कुछ लोग खूब पसंद करते हैं। खासकर, खाने पीने में रूचि रखने वाले लोग इस मौसम को बेहद पसंद करते हैं क्योंकि इस मौसम में पाचन शक्ति बढ़ जाती है और पेट से संबंधित कोई समस्या नहीं होती है।

इसलिए कुछ लोग इसे बहुत पसंद करते हैं। वहीं कुछ लोग इससे गिले शिकवे करते हैं क्योंकि कुछ बिमारियों के लिए सर्दियों का मौसम बहुत खरतनाक होता है। जिसमें एक अस्थमा है। सर्दियों के दिनों में इसका प्रभाव ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में आज हम आपको सर्दियों के दिनों में आपको किन किन बातों का ख्याल रखना चाहिए, उसके बारे में बताने जा रहे हैं। आइये जानते हैं।

इन बातों का रखें ख्याल :
पानी : 

सर्दियों के दिनों में इंवायरोमेंट अधिक शुष्क होता है। जिस कारण हमें डीहायड्रेशन की दिक्कत नहीं होती है। ऐसे में हमें प्यास भी कम लगती है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो पानी न पीने की भूल मत करें और रोजाना 2 लीटर पानी जरूर पियें। इससे शरीर में मौजूद टॉक्सिन बाहर निकल जाता है। हां, ध्यान रखने वाली बात यह है कि ठंडा पानी सर्दियों के दिनों में बिलकुल न पियें। आप गुनगुना गर्म पानी पीएं।

चेहरे ढंकना :

सर्दियों के दिनों में अक्सर ऐसा देखा गया है कि लोग चेहरा ढंकने से गुरेज करते हैं। ऐसा आप न करें क्योंकि सर्दी का असर सबसे ज्यादा चेहरे पर पड़ता है। जब कभी बाहर निकलें तो अपने चेहरे को ढंकना न भूलें।

भोजन :

सर्दियों के दिनों में खाना बहुत जल्दी ठंडा हो जाता है। ऐसे में अगर आप बनाएं खाने को दोबारा इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे गर्म करना न भूलें। भूलकर भी ठंडा खाना न खाएं। आप अपने डाइट में वार्म फूड्स को जरूर जोड़ें। रोजाना च्यवनप्राश और ड्राई फ्रूट्स का इस्तेमाल करें।

धूल और धुएं से बचें :

प्रदूषण के कारण पूरा वातारवरण दूषित हो चुका है। ऐसे में सांस लेने में बहुत तकलीफ होती है। खासकर, दमा से पीड़ित लोगों के लिए प्रदूषण एक बुरे सपने जैसा है क्योंकि इससे दमा या सांस लेने में तकलीफ होने की मुसीबत और बढ़ जाती है। ऐसे में अपने आपको धूल और धुएं से जरूर बचाएं।

एयरकंडीशन और पंखे से दूर रहें :

सर्दियों के दिनों में दमा से पीड़ित लोगों को ठंडी हवा से बचकर रहना चाहिए। फिर चाहे ये ठंडी हवा नेचुरल हो या घर के  एयरकंडीशन और पंखे की हो। इससे तो जरूर बचकर रहें। अगर आप इसमें असावधानी बरतते हैं तो ये आपके लिए नुकसानदेह रहने वाला है।

इन्हेलर हमेशा पास रखें :

दमा के मरीजों के लिए इन्हेलर रामबाण दवा है। ऐसे में इस रामबाण को हमेशा अपने पास रखें। किसी और चीज़ का ख्याल रखें या न रखें लेकिन जब कभी घर से बाहर जाएं तो इसे साथ में ले जाना बिलकुल न भूलें।

दोस्तों, दमा का ईलाज परहेज और दवा से संभव है। अगर आप मौसम अनुसार अपने आप को बदल लेते हैं तो ये बीमारी जल्दी दूर हो जाती है। नहीं तो ये विस्तार रूप ले लेती है। आप स्वस्थ रहें, सुखी रहे।