विषैले प्रदूषण से बचने के लिए इन घरेलु चीजों का करें अधिक इस्तेमाल

आज के समय में हर एक इंसान ये चाहता है की मेरी सेहत अच्छी बनी रहे. हमें किसी प्रकार की बीमारी न लगे, हम पुर्ण रुप से स्वस्थ रहें. इसके लिए इंसान तमाम तरह के जीम या योगा करता है और इसके साथ ही साथ वह फल-फ्रुट, दूध-दही, मेवों का सेवन अधिक करता है ताकी सेहत बरकरार रहे. मगर फिर भी कुछ लोगों के सेहत पर इसका कुछ खास परिवर्तन नजर नहीं आता है. आखीर इसका मूल कारण क्या हो सकता है किन कारणों से हमारा स्वास्थ्य नहीं बन पाता है.

आपको बता दें कि जांच द्वारा पता चला कि हमारा वातावरण काफी खराब हो चुका है. वायु में तमाम तरह के विषैले गैस विराजमान हो चुकें है. जिसके कारण इसका असर हमारे स्वस्थ पर पड़ रहा है. प्रदूषित हवा में सांस लेने से खांसी, जुकाम, आखों में जलन, फेफड़े में इंफेक्शन, सासं की बीमारी, त्वचा संबधी परेशानियां, हृदय रोग, बालों का झड़ना आदि समस्याएं हो सकती हैं.

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मगर आप को इससे घबराने की जरुरत नहीं क्योंकी हमारे पास कुछ ऐसे सामाग्री मौजूद जिसे अधिक उपयोग में लाकर हम अपने हेल्थ को फिट रख सकते हैं. जिसमें से अदरक, लहसुन, तुलसी, नीम, काली मिर्च, काफी अधिक महत्वपूर्ण हैं, इससे काफी हद तक यावु प्रदूषण से बचा जा सकता है.

Home remedies

तो आइए इसे बारी बारी जानते से जानते हैं…

1-अदरक: वायु प्रदूषण से बचने में अदरक काफी लाभदायक है. दिन में दो बार अदरक की चाय पीना फायदेमंद है. अदरक इम्यूनिटी को बढ़ाती है और सांस से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद है. इसके अलावा गले में खराश महसूस हो रही हो तो अदरक का काढ़ा पिएं. एक गिलास में छोटा-सा अदरक का टुकड़ा बारीक काटकर, 4-5 पत्ते तुलसी और 2-3 दाने काली मिर्च के मिलाकर दो कप पानी में उबालें. पानी आधा रह जाए तो छानकर पी लें. ऐसा दिन भर में 2-3 बार करें. इससे गले की खराश कम होगी और श्वसन तंत्र दुरुस्त होगा.

2-पिसी काली मिर्च और शहद: पिसी काली मिर्च को शहद के साथ लेने से सीने में जमा कफ दूर होता है, सांस संबंधी समस्या से बचे रहेंगे. इसके अलावा प्रदूषण से होने वाली समस्याओं से बचने के लिए एक गिलास दूध में 3 ग्राम या आधा छोटा चम्मच हल्दी मिलाकर जरूर पिएं. आप एक चम्मच शहद में 3 ग्राम हल्दी मिलाकर भी ले सकते हैं.

3-तुलसी का जूस: पहले से बने-बनाए 10-15 मिलीलीटर तुलसी के जूस को पानी मिलाकर दिन में दो बार लें. यह आपकी सांस की नली या श्वसन तंत्र से प्रदूषक तत्व हटाने में सहायक है. चाहें तो घर में तुलसी के 5-6 पत्तों को पीस कर उसमें रस निकाल लें. इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर ले सकते हैं. इसके अलावा 3 ग्राम पीपली को शहद के साथ मिलाकर ज्यादा से ज्यादा 7 दिन ले सकते हैं, लेकिन इसे बच्चों को नही देना चाहिए. इससे सहज सांस लेने में मदद मिलती है.

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4-नीम की पत्तियां: इसके अलावा 3 नीम की पत्तियों को एक पतीले पानी में उबाल लें. इसे नहाने के पानी में मिलाकर नहाएं. यह त्वचा पर जमे प्रदूषकों को हटाता है और त्वचा को डिटाक्सिफाई करता है. संभव हो तो हफ्ते में 2-3 नीम की पत्तियां खा लें.

5-फुल-बॉडी मसाज: नियमित रूप से फुल-बॉडी मसाज शरीर के लिम्फैटिक सिस्टम को स्वस्थ बनाता है. सर्दियों में सरसों, ऑलिव ऑयल से मसाज कर सकते हैं,गर्मियों में नारियल तेल अच्छा रहता है. इससे रक्त में जमा टॉक्सिक बाहर निकलते हैं. रक्त संचार बेहतर होता है, ऑक्सीजन की आपूर्ति तेज होती है.

6-ऑयलिंग: बालों को प्रदूषण से बचाने के लिए संभव हो तो बाहर जाते हुए बाल ढक कर रखें. नहाने से एक घंटे पहले बालों की ऑयलिंग कर अच्छी तरह मसाज करें. ज्यादा देर तक तेल न लगा रहने दें, क्योंकि वह आपके बालों पर जमकर नुकसान पहुंचा सकता है.

7-गाय का शुद्ध घी: इसके अलावा नाक को साफ रखने के लिए गाय के शुद्ध घी की एक-एक बूंद सुबह-शाम नाक में डालनी चाहिए. इससे सांस की नली साफ हो जाती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत नहीं होती और हानिकारक तत्व फेफड़ों तक नही पहुंचते.

8-गुड़: फेफड़ों को साफ करने में गुड़ बहुत फायदेमंद है. इसमें मौजूद आयरन हमारी धमनियों को भी साफ करता है, जिससे ब्लड में ऑक्सीजन की आपूर्ति तेज होती है और श्वास संबंधी दिक्कत कम होती है. रोजाना 5 ग्राम गुड़ का सेवन करना चाहिए. रात को गर्र्म दूध के साथ सोते समय भी गुड़ ले सकते हैं. इसे दिन में कभी भी खा सकते हैं.

9-त्रिफला: रात को सोते समय त्रिफला ले सकते हैं. यह आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ पाचन तंत्र को भी सुचारु करने में मदद करेगा. एक चम्मच त्रिफला शहद, गुनगुने पानी या दूध के साथ ले सकते हैं. इसे शहद के साथ लेना ज्यादा फायदेमंद है. त्रिफला हमारे शरीर के तीन दोषों- वात, पित्त और कफ को सम प्रकृति में रखने में सहायक है.