शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर खुद को रखें स्वस्थ

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर अभी देश भर  में लॉकडाउन है। घरों पर रह रहे लोग संक्रमण के भय से परेशान भी हैं. ऐसे हालात में लोगों को अपने शरीर की रोग प्रतोरोधक क्षमता बढ़ाने की जरूरत है ताकि छोटी-छोटी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझना ना पड़े. इससे न सिर्फ आप बीमारी से दूर रहेंगे, बल्कि कोरोना से खिलाफ़ मजबूती से लड़ने का हौसला भी प्राप्त होगा.

खान-पान को संतुलित करें: 

शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी है कि आप अपने खान-पान में सुधार करें। एक रूटिन के तहत भोजन कर ही आप रोगों से दूर रह सकते हैं। वरीय फिजिशियन विनय कुमार झा कहते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए आहार पर नियंत्रण जरूरी है। अनावश्यक खाने से तो बचना ही चाहिए, साथ ही खाने में ऐसे चीजों का चयन करना चाहिए, जिससे फैट शरीर में नहीं आ सके। ऐसे में हमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कई बीमारियों से सुरक्षित रखती है।

साथ ही तनाव से दूर रहने की कोशिश करें और नींद भी पूरी करें। छोटी-मोटी ऐसी कई बीमारियां होती हैं, जिनसे हमारा शरीर खुद ही निपट लेता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने पर बीमारियों का असर जल्दी होता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में ये बहुत जरूरी है कि हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने के कई कारण हो सकते हैं। कई बार ये खानपान की लापरवाही से होता है, तो कुछ मामलों में देखा गया है कि यह जन्मजात कमजोरी की वजह से भी होता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अगर इम्यून पावर कमजोर हो जाए तो उसे बढ़ाने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए? आइए हम आपको बताते हैं कि इसे बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए।

खूब पानी पीएं:

पानी अधिक पीने से शरीर तो स्वस्थ रहता ही है। साथ ही इसके साथ शरीर में जमा कई तरह के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं। इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पानी को थोड़ा गर्म कर पीने से ज्यादा फायदा होता है। हां, फ्रिज के पानी के सेवन न के बराबर करें।

भरपूर मात्रा में लें मौसमी फल:

पपीता, संतरा, अंगूर व सेब के सेवन से भी आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता विकसित होगी। रसदार फलों में विटामिन सी होता है, जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। फल को आप पूरा भी खा सकते हैं या फिर उसका रस निकालकर खाएं, दोनों ही तरीके आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे। रस में नमक और चीनी का इस्तेमाल करने से बचें।

अंकुरित अनाज व सलाद का करें सेवन:

मूंग व चना के साथ दालों को अंकुरित कर इसका सेवन करें। अंकुरित अनाज से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह पाचन क्रिया में भी सहयोग करता है। इसमें पौष्टिक तत्त्व भी होते हैं। साथ ही भोजन के साथ सलाद का उपयोग अधिक से अधिक करें। ककड़ी, टमाटर, मूली, गाजर, पत्तागोभी, प्याज व चुकंदर को सलाद में शामिल करें। हां, खाने से पहले इसे अच्छी तरह से धो लें। संभव हो तो गर्म पानी में इसे धोएं।

भरपूर नींद लें:

सोने में कोई समझौता नहीं करें। भरपूर मात्रा में नींद लेने पर आप खुद को तरोताजा महसूस करेंगे। आज के भागदौड़ वाली जिंदगी में लोगों को देर रात तक जगने की आदत हो गई है। इस वजह से लोग भरपूर नींद नहीं ले पाते हैं। इससे भी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, इसलिए आठ घंटे की नींद आवश्यक है।

तनाव से रहें दूर:

यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। अगर आप अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना चाहते हैं तो तनाव नहीं लें। तनाव लेने से दिल के तेजी से धड़कने, पाचन क्रिया मंद पड़ने, नर्वस सिस्टम की कार्यप्रणाली में कमी आने और रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए हमेशा खुश रहने की कोशिश करें।