पीरियड्स के दौरान जरूर अपनाएं ये घरेलू उपाए।




जब लड़की  की उम्र १२ से १५ वर्ष की होती है तो लड़की के अंदर मौजूद अंडाशय हर महीने एक अण्डा(डिम्ब) पैदा करना शुरू कर देते हैं यह अण्डा अण्डवाहिका नली के द्वारा नीचे की और चला जाता है और यही अण्डा(डिम्ब ) अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ता है और जब ये अंडा गर्भाशय मैं पहुँचता है तो उसका खून और तरल पदार्थ गाढ़ा हो जाता है। piriyad ke douran

यंग और हैंडसम दिखने के कुछ घरेलु उपाय।

जब इस अंडे का आदमी के शुक्राणु से मिलान हो जाता है तो बच्चा ठहर जाता है और अगर इस अण्डे का शुक्राणु से मिलान न हो तो वह स्राव  बन जाता है और योनि द्वार से बाहर निकल जाता है इसी स्राव को मासिक धर्म या माहवीर (MC) कहते है। piriyad ke douran

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